Archive for the ‘Uncategorized’ Category

जै माता की..!!

मई 9, 2010

विश्व की सभी माताओं के चरणों मे –कोटि–कोटि नमन..!!

न समझे वो जज्बातकी ।

फ़रवरी 4, 2010
कोशिशें तमाम की उनसे मुलाकात की ,

ताशीरेकशिश समझे वो जज्बातकी । …….

गर्दिश में हों सितारे तो ,हर कोशिश नाकाम है ,
जलाते उनकी यादों के दिए ,बीती हर शाम है ,
कभी रौशनी उन तलक पहुंचेगी इस बात की ………

बुझती उम्मीदों को अपनी बाँहों का सहारा दे दो ,
बुझने से पहले जाने का बारीक़ इशारा देदो ,,
कसम है उन लम्हों की ,कसम है तुझे उस रात की ……..

मिट जाएगी यह हस्ती ,तेरे दीदारे जुनू में ,
जाएगा जम तेरा नाम दिल के थमते लहू में ,,
पैगामेदिल जो लिखा तेरे वास्ते ,बहा के ले गयी झड़ी बरसात की ……………

कमलेश हसरत बाकी है लबों पर अब तलक ,
गवाही भरतें हैं , जमीं आसमां ओर तारे फलक ,,
मिल जाओ त्ड्फाओ अपने प्यार को ,अब जिद भी है किस बात की ……………….

इनको किस बात की पद्म श्री …!!!??

फ़रवरी 1, 2010

एलिया जी, का आज लेख पढ़ बड़े दिनों से मन के भीतर चल रहे प्रश्न ने आज एक लेख लिखने ओर एक प्रश्न का उत्तर ढूँढने कि किस बात के लिये,

सैफ अली जैसे विवादस्पद साधरण एक्टर को किस उपलब्धी के लिये इतने आदर योग्य सम्मान ,  दिया जा रहा है .

एक ऐसे एक्टर को जो  समाज को इस वक्त यही सन्देश दे रहा है, की जबतक कोई औरत या लडकी पसंद है तब तक ऐस करो ,

फिर उसको छोड़ कोई कपूर सपूर खानदान की अपने उम्रचाहे जितनी भी छोटी हो ,उसके साथ आशिकी करो ओर मीडिया  उसे इस तरह दिखाए ओर महिमा मंडित करे,

किपता  नही जनाब ,कितना बड़ा पुन्य का काम कर रहे हैं

,;;अरे देखो सैफ अपनी शूटिंग छोड़ नैरोबी से करीना केजन्म दिन के लिये मुंबई आ रहे हैं ??

कमाल का बलिदान है कितनी दूर से बेचारा हवाई -जहाज में इतनी दूर सेसिर्फ” हैप्पी बर्थडे ”कहने आया ,;;कोई भी ऐसा ”सैक्रिफायिस ”करेगा तो वह भी पद्मश्री के लिये सुपात्र हो जायेगा ।

ऐसी कोई फिल्म भी तो नही जिसमे इश्क मुस्क के अलावा ओर कोई संदेश हो ….
जनाब की खुश किश्मती कही जाएगी, यह मुंबई के वासी नही तो … ,

अरे कोई तो बताये? यह दोनों समाज कौन सी
दिशा दशा सुधारने का सन्देश दे रहें हैं ,

एलिया जी का कहना ठीक है ऐसे सम्मानों  को देने में योग्यता नही एप्रोचदेखी जाती ,काश हमारे बीच में कितने योग्य एवम विद्वान् विभूतियाँ जिनको पूरी जिन्दगी  अपनी साधना करनेका कोई फल या सम्मान नही मिलता

जिसके वह असली हकदार होते हैं,उन्हें यह सम्मान देकर उस व्यक्ति एवमसम्मान का खुद सम्मान बढाया  ,जा सकता है ।

एक तरफ गधों को बर्फी खिलाई जा रही  है  ,

हमारे देश के नेताओंको कब अक्ल आएगी ,कि अगर किसी को सम्मान देना है, तो उनकी नजर में वह मनीषी  क्यों नही आते  ,जिनकेउपर देश को अभिमान हो ,

इन जैसे एक्टर जिनको आरम्भ में यही लोग नही समझ पाते थे ये श्री मान है या …ओरकुछ ,इनको पद्मश्री देकर  पता नही क्यूँ गदगद हो रहें हैं ,इससे  न समाज ,न देश ,का कोई हित होने वाला है ।  सिर्फ वही कहावत ”अंधेर नगरी चौपट राजा ” चरितार्थ हो रही है ॥

दी जिसने हंसी लबों पर..!!!

जनवरी 29, 2010


गुजरे हुए वक्त को भुलाया नही करते ,
दी जिसने हंसी लबों पर, उसे रुलाया नही करते ।

खुदा की कसम वो जमाना भी खास था ,…!!!
उन हसीं लम्हों को यूँ ही भुलाया नही करते ।

बीते हुए वक्त ने दिए होंगे तुम्हे जख्म भी ,
वक्त बे वक्त सबको जख्म दिखाया नही करते ।

गुजरे हुए वक्त की नसीहत से सीख लो ,
आने वाले वक्त को इससे मिलाया नही करते ।

छोड़ दो ‘कमलेश‘ जो तुमको न पसंद है ,
काँटों को फूलों के आँचल में सुलाया नही करते ॥

देश हमारा कैसा भी है..!!

जनवरी 16, 2010

देश हमारा कैसा भी है ,
हम तो इसको पूजेंगे ,
जिधर भी देखो प्यारे नारे ,
”जय भारत” के गूंजेगे ।

चाहे कितनी गरीबी है ,
चाहे कितनी निराशा है ,
पर पहुँच के रहेंगे शिखर पर ,
सारे देश की अभिलाषा है ।

इस मिटटी के हैं वो सपूत ,
जिनका दुनिया लोहा माने ,
पर मेरे देश इक श्रेणी लगी ,
दूजों के गुण गाने ।

गर यहाँ कुछ न अच्छा होता ,
देश कभी का मिट जाता ,
न होती तरक्की किसी ओर ,
दगाबाज पड़ोसियों से पिट जाता ।

कहने को जो कहो मगर ,,
जो है सब दिखता है ,
भारत की प्रगति को पाश्चात्य ,
मीडिया नही ऐसे लिखता है ।

पट्टी उतारो आँखों की ,
अपने चारों ओर निहारो ,
‘कमलेश ‘ प्रगति के पहिये को ,
देखो मेरे प्यारों ॥ जय हिंद