Archive for the ‘शर्मनाक’ Category

अपने देश में अजनबी हुए …..

अप्रैल 3, 2009

हेलो दोस्तों दुनिया के भारत नाम के देश के पंजाब प्रांत से आपसे मुखातिब हो रहा हूँ ।मै ऐसा इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि मै यहं पर भी इनके लिए अप्रवासी हूँ ,जैसे की ये लोगों को या दूसरों कोअप्रवासी कहा जाता है यहाँ का मूल निवासी तो कहता ही है, जो अपने उत्तरप्रदेश की अपने को हिंदीभाषी लोगों का ठेकेदार बनते है, उनके इधर निकलने वाले अख़बार मेंखबर दी होती है की अमुकव्यक्ति अप्रवासीलगता है मन को बहुत कष्ट होता है की देखो अपने देश में ही ,एक मनुष्य सिर्फकिसी प्रान्त में पैदा होने से हीमहानहो जाता है

जब की एक व्यक्ति ;महान;प्रदेश में पैदा होने के बावजूदभैयाकहा जाता ?जहाँ उ।प्र .में सम्मान में भइया कहा जाता है वहीँ ,पंजाब ,महाराष्ट्र.मेंहिन् तुच्छ भावः के लिए बोलते है ,अरे यहाँ जिस साले की कोई अक्ल नहीं शक्ल नहीं,बस इसी मेंमस्त हैकी मै पंजाबी हूँ !अरे इनकी एक और खासियत ये खुद पंजाब में रहना ही नहीं चाहते ,बसबाहर जाना है किसी भी देश भेज दो ,किसी तरीके से भेजो बस बाहर भेज दो??पैसे की कमाने हवस देखनी है तो इनमे देखो ?जितने हमारे वहां आदमी आराम से दिन भर निकम्मा बना ,इधर उधर बैठके भी तौर से घूमता रहता है ॥चार लोग ,,जय राम .नमस्ते में जिन्दगी भर मजे लेता है ….ये उतनेपैसे किसी ठग ,एजेंट को दे कर साल ,दो साल मन ही मन मजे लेते रहते हैं ,बस ये कहते रहेंगे ;;मुंडेनू बाहर भेजना हैफिर थोड़े दिन बाद या तो जाना था कही, भेज कहीं और ही दिया एजेंट ने,यहाँसाला बेकार आदमी के पास रासन कार्ड मिले मिले ,पासपोर्ट जरूर होगा ,बस इनको इस चीज कागुमान है की ;;हम ही महानहैं ,इनकी ये कमजोरी इनकी उपलब्धियों को कम कर देती है , ……….

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