bahut din hue…!!!

बहुत दिन हुए उनको देखे हुए ,
गली में  निकलते कंकर फेंके हुए ,


मुंह  ऊपर उठा जरा  मुस्करा देना ,
देख लेती  उनको बिना देखे हुए ,


हर खट-खट में उनकी पद -चाप  सुनती ,
वो ही है !जान लेती ,बिना देखे हुए ,


ना जाने कहाँ गुम हुए ! वो बेदर्द मौसम ,
महसूस ही कर लेती उनको  बिना देखे हुए ,


‘कमलेश’ ऐसी चाहत की कुछ तो बात होगी !
ता उम्र काट दी बिना उनको देखे हुए ॥

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: