वाह ! कितनी जल्दी हम , सब कुछ भी भूल जाते हैं ,
हम सब अपने -अपने काम पर, बच्चे स्कूल जाते हैं ।
क्या ? कोई फर्क नही पड़ता, हमको इन घटनाओं से ,
जिनकी कोख हुई सूनी पूछो, उन दुखियारी माओं से ।
इतनी कम कीमत कैसे है?,यहाँ हम सबके जीने की
कब आएगी कोई शिव- शक्ति ” ये हलाहल पीने की ।
हम हैं विश्व महा-शक्ति कहते मुहं नही थकते हैं ,
पर हर छोटी बात की खातिर [अमरीका ]का मुहं तकते हैं ।
अब वक्त कभी का आया है ,हर भारतवासी के हिस्से में ,
अब ना खुद को उलझाओ ,जात-पांत धर्म के किस्से में ।
मिल कर मारो इमान से हमला,अपने देश के गद्दारों पर ,
कमलेश ‘मरेगा हर आतंकवादी ”लिखा पढ़े दीवारों पर ”॥

बहुत बढ़िया …काश वो दिन आये और हम सब देखें इन कातिलों का समापन …..