क्या ? देश के आइन -ए- इबारत को, बिलकुल साफ किया जाये ,
गद्दार ,कातिलों कसाब, अफजल ,नलिनी को माफ़ किया जाये ,
यह कहने वाले जरा झांक कर देखें, अपने दिलों में एक बार ,
जिनको इन्होंने मारा है उनके, साथ भी इंसाफ किया जाये ,
राजनीती की रोटियां सेंकने को, यहाँ तंदूर बहुत हैं मौजूद ,
बस लकड़ियों की जगह ना , आवाम की लाश लिया जाये ,
मजाक बना दिया है इस देश के, कानून को देखो लोगों ,
कुछ भी मुमकिन है इस देश में, इसका अहसास किया जाये ,
क्यूँ जान देते हैं सीमा पर हमारे जवान देश की खातिर ,
जो होता है होने दो ”बस बैठ के चलो आराम किया जाये ,
बस एक ‘प्रस्ताव ,पास होने से ,मेहनत हो जाएगी मिटटी ,
ऐसी पार्टी -नेताओ को नंगा देश में, सरे आम किया जाये ,
‘कमलेश ‘ये देश है या तमाशा ?चंद सियासतदानों का ,
वक्त आने पर इनकी असलियत नंगा -ए-हमाम किया जाये ॥